Wednesday, May 17, 2017

कफन, चिता और सत्याग्रह चलाने में सुलग रहा है बडकागांव क्योंकी जिंदगी की डोर खेती की इसी उपजाऊ जमीन पर टिकी है |



कफन, चिता और सत्याग्रह चलाने में सुलग रहा है बडकागांव क्योंकी जिंदगी की डोर खेती की इसी उपजाऊ जमीन पर टिकी है|

भारत : झारखण्ड राज्य के हजारीबाग जिले में विकास के नाम पर अल्पसंख्यक व पिछड़ी जाति जिसमे 8 ब्लाक के 35 गाँव गोलीकांड से प्रभावित है, जबरिया विस्थापित किया जा रहा है | 

मुददे- राज्य सरकार तथा पुलिस प्रशासन और NTPC द्वारा गरीब अल्पसंख्यक,व पिछड़ी जाति की कीमती जमीन कौड़ियो के भाव ली जा रही है विस्थापितों को आजीविका देने की जगह प्रताड़ना किया जा रहा है |
  
17 मई 2016, झारखंड (बिहार )
प्रिय साथियों,   

झारखण्ड के हजारीबाग जिले के चतरा इलाके में NTPC का एक बिजली घर बन रहा है जाहिर है, इसके लिए कोयला चाहिए त्रिवेणी अर्थ मूवर एंड सैनिक माइनिंग कंम्पनी को कोयला देने का ठेका मिला है जिस इलाके की जमीन खोदकर कंम्पनी कोयला निकलना चाहती है, वह हजारीबाग के बडकागांव में पड़ता है, पुरा क्षेत्र काफी उपजाऊ है लोगो की जिंदगी की डोर खेती की इसी जमीन पर टिकी है किसान एक साल में कई फसल उगा लेते है, कहाँ जाता है कि  बडकागांव के गुड की खुशबु और स्वाद की शोहरत दूर – दूर तक है इलाके के लोग अपनी उपजाऊ जमीन नही देना चाहते है, वे कई सालो से इसके खिलाफ अहिंसात्मक सत्याग्रह कर रहे है गाँव वालो का आरोप है कि उनकी जमीन बिना उनकी रजामंदी के अधिगृहीत की जा रही है, इस बीच  कोयला खनन करने की प्रकिया भी तेज हो गयी है | इसलिए गाँव वालो ने एक जुट होकर 15 सितम्बर 2016 को विधायक निर्मला देवी के नेतृत्व में बडकागांव के डाडी कला इलाके में कफन सत्याग्रह शुरू कर दिया | 

28 जनवरी 2017 को मानवाधिकार जननिगरानी समिति PVCHR व संग्राम समिति के सयुंक्त तत्वाधान में एक कमेटी हजारीबाग के गोलीकांड में चार महीने बाद प्रभावित क्षेत्र का जायजा लेने पहुचे और 51 लोगो को मनोवैज्ञानिक एवं सामाजिक सम्बल प्रदान किये| बडकागांव में शरणार्थीयो का मौत की खबरे मिडिया में लगातार आ रही थी, जिससे गाँव के रहने वाले लोगो का स्थितियों का अनुमान सहज ही लगाया जा सकता था, किन्तु गोलीकांड से प्रभावित क्षेत्र का भ्रमण कर वास्तविक स्थितियों को समझना भी आवश्यक था | कुछ परिवार डर वश मुआवजा लेकर दुसरे स्थान पर पलायन कर चुके है, कुछ लोग बिना कुछ लिए ही अपनी जान बचाकर भाग गये, लेकिन सबसे ज्यादा दुःख इस बात का है कि अनेको भी बुजुर्ग महिलाये खेतो में डर वश गुजर बसर कर रही है, ज्यादा की संख्या में लोग अपनी जान की परवाह किये बिना ही न्याय के लिए सघर्ष कर रहे है, वही प्रशासन द्वारा जबरिया लोगो को जमीन छोड़ने को मजबूर किया जा रहा है | विभिन्न राजनैतिक दल केवल एक दुसरे पर आरोप प्रत्यारोपो में व्यस्त है, गाँव में रह रहे अल्पसंख्यक समुदाय, दलित परिवार, और सामान्य परिवार के बच्चे महिलाएं अपने नागरिक होने के बुनियादी अधिकार राहत, सुरक्षा, व सरंक्षण, पुनर्वास से वंचित है |

आवाज को गोलियों से दबाने का प्रयास – खनन कार्य के विरोध में चल रहे कफन सत्याग्रह आन्दोलन के 16 वे दिन NTPC कम्पनी प्रशासन और सरकार के इशारे  पर प्रशासन ने अपनी हदे पार कर दी, आन्दोलन को हटाने के लिए प्रशासन ने क्या नही किया निहत्थे ग्रामीण घायल होकर गिर गये, कितने लोगो को सिने में गोली लग गयी जो तुरन्त दम तोड़ दिए कितने बच्चे कोचिंग पढ़ने जा रहे थे, कितने बच्चे और महिला पुरुष खेतो में काम कर के आ जा रहे थे जिसको जहाँ गोली लगी वही दम तोड़ दिए कुछ लोग तो न मर पाए है न तो जी पा रहे है आधे में गोली जाकर फसी हुयी है किसी का सर फटा है तो किसी का हाँथ टुटा हुआ है कोई जीवन भर के लिए आँखों का ओझल हो गया है, न जाने कितनी माँ की गोद सुनी हो गयी न जाने कितनी की मांग सुनी हो गयी किसी के बहुत अपने भी थे जो इस भगदड़ में न तो लाश का पता चला न तो जिन्दा लोग जैसे तैसे बिछड़ गये | 

मेरा नाम मजदन खातुन उम्र 70 वर्ष है, मेरे पति का नाम मुह्ज्जम अली है, मै मुस्लमान  हूँ| मै ग्राम -चेपाखुर्द, पोस्ट –चिपाकला, थाना- बडकागांव, जिला- हजारीबाग(कोडरम झारखण्ड) की मूल निवासी हूँ, मेरी घर की आर्थिक स्थिति बिलकुल अच्छी नही है किसी तरह घर का खर्च चलाती हूँ | मुझे क्या पता था की कफन सत्याग्रह आन्दोलन में जमीन बचाने के चक्कर में मुझे अपना जिगर का टुकड़ा खोना पड़ेगा|

घटना उस दिन की है की जिस समय शांतिपूर्वक ढंग से सत्याग्रह चल रहा था और सत्याग्रह को रोकने के लिए अचानक पुलिसवाले फायरिंग शुरु कर दिये, सभी लोग भागने लगे उस वक़्त मेरा 27 वर्षीय बेटा मेहताब शौच करके उसी रास्ते से लौट रहा था और मेरे बेटे को गोली लग गयी|  उस दिन हमारा पूरा परिवार घर पर ही था|      गाँव के कुछ लोग ने बताया की आपके बेटे को गोली लग गयी है इतना सुनते ही जैसे लगा मानो बिजली सी गिर गयी है| मेरे अंदर की शक्ति खत्म हो चुकी थी मानो जैसे पागल सी हो गयी|  मेरा पूरा परिवार भगदड़ में खोजने के लिए इधर – उधर भाग रहे थे, चारो तरफ से चीखने चिल्लाने की आवाज आ रही थी और लोग इधर उधर जान बचाने के लिए भाग रहे थे | मेरे पति रोते चिल्लाते हुए पुलिस वाले के पास बेटे के बारे में पुचने गए पर उनलोगों नें कोई जवाब नहीं दिया| काफी समय ढूढने के बाद जब मेरे पति किसी तरह बेटे के पास पहुचे तो देखे की मेरा बेटा मर चुका था, गाड़ी में पुलिस वाले लाश रख लिए थे लाश मागने पर बोले की यहाँ से भाग जाओ नही तो जिस तरह तुम्हारे बेटे को गोली मारे है उसी तरह  तुमको भी गोली मार देगे, मेरे पति मिन्नतें करते रह गये लेकिन पुलिस वाले लाश पोस्टमार्डम के लिए भेज दिए |

जब दुसरे दिन मेरे बेटे की लाश घर आयी तो चारो तरफ कोहराम मच गया| मेरे घर के बाहर पूरा गाँव इक्कठा हो गया| जवान बेटे की लाश देखकर हम सब लोगो के होश उड़ गए और मेरी बहु रोते- रोते पागल सी हो गयी थी| घर में किसी को समझ में नहीं आ रहा था की अब क्या करे|  गाँव वालो नें मिलकर मेरे बेटे की मट्टी मंजिल की|

कभी भी सोचे नही थे की बुढ़ापे में ये दिन देखना पड़ेगा मेरे आँखों के सामने मेरा बेटा अनायास ही मारा गया| अगर पुलिस वाले समय पर इलाज करवा देते तो आज मेरे पोती पोता से बाप का साया नहीं उठ गया, बच्चे को देखकर मन में बहुत तकलीफ होता है| बच्चे कैसे जियेंगे जियेंगे मेरी बहु की जिंदगी अब कैसे कटेगी, इन्ही सब बातो से मन में एक बैचैनी सी हो गयी रात में नीद भी नही आती है बराबर चिंता बनी रहती है आगे क्या होगा यही सोच-सोच कर मन घबराता है

पुलिस गाड़ी का हार्न सुनते ही डर जाती थी महिलाये – पुलिस का इतना खौफ है लोगो में वे किसी भी वाहन की आवाज को सुनते ही खेतो की ओर महिलाये भागने लगती थी लोगो के अन्दर इतना खौफ बैठ गया कि था अगर कोई पत्रकार भी मिलने आता था तो लोग गाड़ी का आवाज सुनकर बाहर नही निकलती है, जब पत्रकार लोग उनको आश्वासन देते थे कि हम लोग पुलिस नही है, तब लोग बाहर निकलते है | कुछ महिला अगर आती भी थी तो अपने कापते हुए हाथों से हाँथ जोडती हुयी बोलती थी की अब जान न बची क्योंकि ज्यादा तर महिलायें भी घायल हो चुकी थी, न जाने कितने की जान चली गयी लोग खोजते ही रह गये लाश का भी पता नही चलता था क्योंकि खुन से इतना लतफत रहता था की लोग अपनी जान बचाने के चक्कर में अपने घरो के लाश को लोग नही पहचान पा रहे थे |

पचास साल की मुनिजा खातून पत्नी रकीब अंसारी गाँव दांडीकलां , पोस्ट चिपाकला, थाना बडकागांव, जिला हजारीबाग की निवासी है| बेहद गरीबी में मेहनत-मशक्कत से परिवार का गुजारा करने वाले इस परिवार को बडकागांव गोलीकांड के बाद बहुत डरावने अनुभवों से गुजरना पड़ा है| आन्दोलनकारी की एकता को तोड़ने और लोगो के दिमाग में दहसत फ़ैलाने और सबक देने के लिए पुलिस ने रात में लोगो के घरो पर हमला बोल दिया| उन लोगो ने यहाँ तक घर में बहु – बेटियों को भी नहीं छोड़ा|

मै उस दिन सत्याग्रह आन्दोलन में दिन और रात दोनों में बैठी थी और मेरे परिवार के बाकि लोग घर पर ही थे| रात में तक़रीबन १० – १५ पुलिस वाले मेरे घर के दरवाजे को लाठी – डंडे पीटने लगे| जब मेरे बेटे ने जब दरवाजा तो पुलिस वाले उसको भद्दी – भद्दी गाली देने लगे| बाकि पुलिस वाले घर का सारा समान इधर उधर फेकने लगे| जब मेरा बेटा विरोध करने लगा तो उसको भी गोली मारने की धमकी देने लगे| यह सुनकर मेरी बहु और बेटी उसको बचाने के लिए आगे आयी तब पुलिस वाले उनके साथ दुर्व्यवहार करने लगे| उन लोगो ने उनके कपडे फाड़े और उनके निजी अंगो पर लातो और डंडो से मारा| मार के दर्द और बचाव के लिए वो लोग रो और चिल्ला रही थीं तब पुलिसवाले और मारते और कहते थे कि जितना चिल्लाओगी उतना मारेंगे|
गाँव वालो से सूचना मिलने के बाद मै सत्याग्रह से उठकर घर की तरह भागी – दौड़ी गयी| घर के पास पुलिस को देखकर मै अपनी जान बचाकर खेत में छुप गयी कि कहीं पुलिसवाले देख लेंगे तो गोली न चला दें| उनके जाने के बाद मै घर पहुची तो अपने बच्चो और घर की हालत देखकर मेरे होश उड़ गए| बच्चियों के शरीर पर फटे हुए कपडे थे और उनको काफी चोट भी लगी थी| उनका रो – रो कर बुरा हॉल था और वोह लोग काफी सदमे में थे| घर का सारा सामान बिखरा पड़ा हुआ है यहाँ तक की जितना भी राशन था उसको पुलिसवाले फेक दिए थे |
घर के बाहर निकली तो देखा की औरतें दर्द और दहसत से चिल्ला और भाग रही थीं,  किसी का सर फटा हुआ तो किसी को अंदरूनी चोट लगी थी| उनके कपडे फटे हुए थे और पूरी तरह से अस्त व्यस्त हो गयी|

जमीन तो बचा नही पाई लेकिन लोगो के घर उजड़ गये| अपने परिवार को देखकर बिलकुल टूट चुकी थी| दिन रात डर लगा रहता था कि पता नहीं कब पुलिसवाले आयेंगे और घर में घुसकर तोड़-फोड़ मचा देंगे और फिर सबको मारेंगे-पीटेंगे|

 चेपाखुर्द गाँव के 50 घरों में नही जले चूल्हे – डाडी कला में पुलिस फायरिंग में मेहताब अंसारी की मौत के बाद उसके गाँव चेपाखुर्द में मातम पसरा हुआ है,  घटना के बाद चेपाखुर्द के ग्रामीण भयभीत है,  घटना के इस गाँव में करीब 50 घरो में चूल्हे नही जले, इसी तरह लापता बच्चे की माँ सावत्री देवी रो रही थी, सावित्री देवी ने कहाँ कि जमीननवो ले ललथून, अर हमर बेटवा के जिया ले ललथून, अब हमन कहाँ जैबो, इसी तरह पुलिस की गोली से मारा गया अभिषेक कुमार राय पिता पवन कुमार राय का पुरा परिवार सदमे में है सोनबरसा गाँव में अभिषेक की मौत की खबर मिलते ही लोगो में पुलिस व् प्रशासन के विरुद्ध जबरजस्त गुस्सा है, इसी तरह न जाने कितनो घरो में मौत से मातम छाया हुआ था |

प्रशासन ने संविधान की धज्जियाँ उड़ाई – कौन देगा इस का जवाब, कौन दोषी है, क्या संविधान में लिखा है लगातार एक महीने तक प्रशासन ने घरो में घुस – घुसकर चाहे रात हो या दिन लडकियों और महिलाओं के यौनिक छेडछाड किया,   प्रशासन कि हरकत तो देखिये डरा धमका लाठी डंडे से मार –मार कर लडकियों के  साथ बत्तमीजी की बहुत अफ़सोस की बात है की प्रशासन ने लडकियों को प्राईवेट पार्ट तक चोटे पहुचाई थी इसलिए की अपनी चोट किसी को दिखा न सके यही नही प्रशासन ने तो गर्भवती महिला तक को भी नही छोड़ा और साथ में NTPC कंम्पनी वाले भी मौके का फायदा उठा रहे थे लडकियों और महिलाओं को नौकरी देने के बहाने बुलाकर यौनिक उत्पीडन करते थे, कुछ लडकियों के साथ पुलिसवाले ने इस तरह व्यवहार की है की अभी तक लडकियाँ चुप्पी साधी हुयी है |  मों मेहताब उम्र -30 वर्ष, पिता –मों मुअज्जम, ग्राम –चेपाखुर्द, रंजन कुमार दास उम्र -17 वर्ष, पिता – केदारनाथ राम, ग्राम –सिन्दुआरी, अभिषेक कुमार राय उम्र -17 वर्ष, पिता – पवन कुमार, ग्राम सोनबरसा, पुलिस की गोली से मरने वाले चेपाखुर्द निवासी मों मेहताब के परिजन शनिवार को सदर अस्पताल पहुंचे थे वहाँ अपने पुत्र को देखकर परिजन बिलख रहे थे, बुजुर्ग मों मुह्ज्जम  कभी अपने पुत्र को देखकर बिलख रहे थे तो कभी उसकी पत्नी को थोड़ी ही देर में उसकी आँखों से आंसू सुख गये थे माँ और पत्नी जमीन पर लोटकर रो रही थी लोग किसी तरह एक दूसरे को सभालने में लगे हुए थे |

7 वर्षीय बेटी सुहानी के रोने कि आवाज सुनकर लोग गमगीन हो गये थे, भाई आलिम भी बिलख कर कह रहा था की बहुत बेरहमी से मेरे भाई को गोली मारी  गयी, मेरा भाई बडकागांव दुर्गा मंदिर में टाईल्स का काम करता था, रात 11 बजे काम कर के घर आया था, सुबह पावा नदी में शौच के बाद लौट रहा था, इसी समय उसे गोली मार दी गयी, पुलिसवाले ने निर्दोषो पर गोली चलायी |

बंद कमरे में पिटा गया था रैयतो को – हजारीबाग टाउन हाँल में कोयला खनन जनसुनवाई मामले को लेकर भी ऐसी ही घटना घटी थी, यहाँ लोगो को बंद कमरे में पिटा गया था यहाँ भी भू –रैयतो मुआवजा मांग व पुनर्वास निति लागू करने की मांग कर रहे थे लोगो की मांग पर विचार विमर्श करने के हजारीबाग जिला मुख्यालय में जनसभा का आयोजन किया गया था वहाँ कोल कंम्पनी की बात न मानने पर कोल कंम्पनी व पुलिस प्रशासन ने बंद कमरे में लाठियां बरसाई और गोलियाँ चलाने की धमकी भी दी |

बडकागांव में पसरा रहा मातमी सन्नाटा – हजारीबाग : गोलीकांड के बाद बडकागांव में कई महीनों तक सन्नाटा पसरा रहा दिन में जहाँ इक्के –दुक्के लोग सडक पर दिखाई दिए, वही रात में यह मातमी सन्नाटा में बदल गया दिन भर सडको पर पुलिस वाहन गश्त करती रही तो रात में सायरन बजा वाहन सडको पर दौड़ती रही और बडकागांव क्षेत्र में कार्यरत NTPC के कंम्पनियो की सुरक्षा बढ़ा दी गयी है, पुरा बडकागांव विशेषकर डाडी का क्षेत्र पुलिस छावनी में तब्दील है |

पुलिस के डर से लोगों का पलायन – बडकागांव डाडी कला में गोलीबारी की घटना के बाद पुरे इलाके में गम व गुस्सा है घटना से प्रभावित लोगो का पलायन शुरू हो गया है पलायन कर रहे ग्रामीणों ने कहाँ कि पुलिस निर्दोष लोगो को फर्जी मुकदमे में फसा रही है यदि हम गाँव में रहते है तो हमे केस मुकदमे में फसा दिया जायेगा, फिर कही घर में घुसकर लाठी चार्ज न हो जाये इस कारण लोग डरे सहमे हुए है लोग डर से घर में दुबके हुए रहते है गाँव में पलायन करने वालो की संख्या पुरुष का सबसे ज्यादा है बडकागांव खंड के डाडी कला पंचायत एवं चिरूडीह काफी प्रभावित है |  

चीख पुकार से भरा था सदर अस्पताल – घायल जिब्राईल अंसारी ने कहाँ कि पुलिस ने हम बेकसूर लोगो पर अत्याचार किया है, विधायक 15 दिनों से मांग को लेकर आंदोलन पर है, आंदोलन स्थल को खाली कराने के लिए हम पर गोली चलायी गयी निदं भी नही खुल पाई थी, और पीठ में गोली मार कर घायल दिया  नेजाम को सिने में गोली लगी |

बिना चेतावनी पुलिसवालों ने गोली चलाई - घायल अमित दास ने कहा कि   पुलिस जब विधायक को लेकर जा रही थी तब ग्रामीण भी उन्हें छोड़ने के लिए जा रहे थे तभी पुलिसवाले ने गोली चलायी |

ताबड़ तोड़ पुलिसवाले ने गोली चलाई – घायल विकास ने कहा की अपनी मांग को लेकर खनन क्षेत्र में बाहर बैठे थे, अचानक पुलिसवालों ने विधायक को गिरफ्त में ले लिया और  जब लोगो ने आवाज उठाई, तो पुलिस ने गोली मार दी |

आजीविका के साधन ने लोगो की कमर तोड़ दी – गोलीकांड से प्रभावित लोगो का सरकार और प्रशासन व NTPC ने उपजाऊ जमीन को छिनकर लोगो को भुखमरी के कगार पर लाकर खड़ा कर दिया लोग भुखे मरने लगे बच्चे भुख से तडपते रहते है लोग कई दिनों का बासी खाना तक नही छोड़े सच ही कहाँ गया है भुखा पेट क्या नही करता लोगो के पास इतना पैसा नही है कि अपने बच्चे का पेट पाल सके, जो लोग घायल हुए है वो अपना इलाज तक नही करा पा रहे है बच्चे भी शिक्षा से वंचित हो रहे है |

ऐसे में जरूरत है विभिन्न राजनैतिक पार्टिया अपनी –अपनी रोटियां सेकने और जनता को गुमराह करने व एक दुसरे पर गोली चलवाने की जिम्मेदारी डालने के बजाय गोली कांड के पीडितो के तन से गहरे मन घावों को भरने के प्रयास में मिलकर काम करे, पीडितो के इज्जत, आशा मानवीय गरिमा को ध्यान में रखते हुए अविलम्ब बिना किसी भेदभाव के नागरिक अधिकार संरक्षित करते हुए पुनर्वासित किये जाने के लिए लम्बी अवधि तक कार्यक्रम चलाना होगा, जिससे मनोवैज्ञानिक एवं सामाजिक सम्बल के पहल को महत्व देना होगा |

कृपया निम्नवत पते पर पीडितो के पक्ष में निम्नवत माँगो पर पत्र प्रेषित करे –
  
  1.    झारखण्ड के हजारीबाग जिले में NTPC के लिए विस्थापित किये जा रहे लोगो पर गोली कांड का न्यायिक जाँच कराया जाये |
  2.  विस्थापित होने वाले परिवारों की जन सुनवाई करके मुवायजा,व जमीन लेने पर उनकी राय लेकर उसे लागू किया जाये |
  3.  दोषी पुलिस के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लोगो को मृतको व घायलों को मुवायजा दिया जाये |

मनोवैज्ञानिक एवं सामाजिक सम्बल प्रदान किये गए पीडितो की लिस्ट

क्रम
नाम
पता
उम्र
जाति
लिंग
1
मोजिम अंसारी
ग्राम –चेपाकला,पोस्ट व थाना- बडकागांव, जिला – हजारीबाग
70
अंसारी
पुरुष
2
याकूब अंसारी
ग्राम –डाडी कला,पोस्ट –चेपाकला, थाना –बडकागांव,जिला - हजारीबाग 
55
मुस्लिम
पुरुष
3
सखा देवी
ग्राम –डाडीकला,पोस्ट व थाना बडकागांव,जिला –हजारीबाग
50
चौधरी
महिला
4
टूला भुईया
ग्राम –डाडीकला,पोस्ट व थाना –बडकागांव, जिला – हजारीबाग  
70
भुईयां
पुरुष
5
जमीला खातुन
ग्राम –डाडीकला,पोस्ट व थाना –बडकागांव,जिला – हजारीबाग
28
मुस्लिम
महिला
6
भुनेस्वर  
ग्राम –डाडीकला,पोस्ट – चेपाकला,थाना –बडकागांव, जिला –हजारीबाग
34
पटेल
पुरुष
7
इमामुदीन
ग्राम-डाडीकला,पोस्ट व थाना –बडकागांव,जिला –हजारीबाग
45
मुस्लिम  
पुरुष

8
मों जावेद हुसैन
ग्राम –डाडीकला,पोस्ट व थाना –बडकागांव, जिला –हजारीबाग
25
मुस्लिम
पुरुष
9
गोपाल महतो
ग्राम – डाडीकला,पोस्ट व थाना –बडकागांव,जिला –हजारीबाग
60
यादव
पुरुष
10
वलि मुह्हमद
ग्राम –चेपाकला,पोस्ट व थाना –बडकागांव,जिला –हजारीबाग
45
मुसलमान  
पुरुष
11
जमील हुसैन
ग्राम –डाडीकला,पोस्ट व थाना –बडकागांव,जिला –हजारीबाग
20  
मुस्लिम
पुरुष
12
अहुदी अंसारी
ग्राम –डाडीकला,पोस्ट व थाना –बडकागांव,जिला –हजारीबाग
43
मुस्लिम
पुरुष
13
खैरात हुसैन
ग्राम –डाडीकला,पोस्ट व थाना –बडकागांव, जिला –हजारीबाग
67
मुस्लिम
महिला
14
लखेन्द्र ठाकुर
ग्राम –बडकागांव,पोस्ट व थाना –बडकागांव,जिला –हजारीबाग
50
ठाकुर
पुरुष
15
पवन कुमार राय
ग्राम –सोनबरसा पोस्ट-चिपाकला,थाना –बडकागांव,जिला –हजारीबाग 
35
घटवार
पुरुष
16
मेराज अंसारी
ग्राम –चेपाकला,पोस्ट व थाना –बडकागांव,जिला –हजारीबाग
36
मुसलमान
पुरुष
17
मैमुनिशा
ग्राम –डाडीकला,पोस्ट व थाना –बडकागांव,जिला –हजारीबाग
45
मुस्लिम अंसारी
महिला
18
बन्धनी खातुन
ग्राम –डाडीकला,पोस्ट व थाना –बडकागांव, जिला –हजारीबाग
80
मुस्लिम अंसारी
महिला
19
मो.जिवरैल
ग्राम –कनकीढाडी,पोस्ट –चिपकला,थाना –बडकागांव,जिला –हजारीबाग
25
मुस्लिम अंसारी
पुरुष
20
जसवा बेगम
ग्राम –डाडीकला,पोस्ट व थाना,बडकागांव,जिला-हजारीबाग 
55
मुस्लिम
महिला
21
रमेश भुईयां  
ग्राम –डाडीकला,पोस्ट व थाना- बडकागांव,जिला –हजारीबाग
70
भुईयां 
पुरुष
22
सहबुजन
ग्राम –डाडीकला,पोस्ट व थाना –बडकागांव,जिला –हजारीबाग
25
मुस्लिम
महिला
23
जमीला खातुन
ग्राम –सिन्दुआरी, डाडीकला,पोस्ट व थाना –बडकागांव,जिला –हजारीबाग
35
मुस्लिम
महिला
24
शिवदेव महतो
ग्राम –डाडीकला, पोस्ट व थाना –बडकागांव,जिला –हजारीबाग
45
यादव
पुरुष
25
मोहम्मद जहाँगीर
ग्राम –डाडीकला,पोस्ट –चेपाकला,थाना –बडकागांव, जिला –हजारीबाग
30
मुस्लिम अंसारी
पुरुष
26
सावित्री देवी
ग्राम –सिन्दुआरी,पोस्ट –चेपाकला,थाना –बडकागांव,जिला –हजारीबाग
43
निषाद
महिला
27
मंजू देवी
ग्राम -डाडीकला,पोस्ट –चेपाखुर्द,थाना –बडकागांव, जिला –हजारीबाग
35
साव
महिला
28
मुशर्रत खातुन
ग्राम –डाडीकला,पोस्ट –चेपाकला,थाना –बडकागांव,जिला –हजारीबाग
24
मुस्लिम
महिला
29
वलि मुहम्मद
ग्राम –चेपाखुर्द,पोस्ट –चेपाकला,थाना –बडकागांव,जिला –हजारीबाग
70
पठान
पुरुष
30
नसीमुन
ग्राम –चेपाखुर्द,पोस्ट –चेपाकला,थाना –बडकागांव,जिला –हजारीबाग
65
अंसारी
महिला
31
आमिर हुसैन
ग्राम –डाडीकला,पोस्ट –चेपाकला,थाना –बडकागांव,जिला –हजारीबाग
35
मुस्लिम
पुरुष
32
शायरा बानो
ग्राम –डाडीकला,पोस्ट-चेपाकला,थाना –बडकागांव, जिला-हजारीबाग
30
मुस्लिम
महिला
33
मखीरन साव
ग्राम –सोनबरसा,पोस्ट –चेपाकला,थाना –बडकागांव,जिला –हजारीबाग  
45
साव
पुरुष
34  
मैमुननिशा
ग्राम –डाडीकला,पोस्ट –चेपाकला,थाना –बडकागांव –जिला –हजारीबाग
35
मुस्लिम
महिला
35
मुनिजा खातुन
ग्राम –डाडीकला,पोस्ट –चेपाकला,थाना –बडकागांव –जिला –हजारीबाग
50
अंसारी
महिला
36
लैला खातुन
ग्राम –डाडीकला,पोस्ट –चेपाकला,थाना –बडकागांव,जिला –हजारीबाग
25
मुस्लिम
महिला
37  
शफीदा खातुन
ग्राम –डाडीकला,पोस्ट –चेपाकला,थाना –बडकागांव,जिला –हजारीबाग
65
मुस्लिम
महिला
38  
जहीदुन निशा
ग्राम –डाडीकला,पोस्ट –चेपाकला,थाना –बडकागांव,जिला –हजारीबाग
70
मुस्लिम 
महिला
39  
सिटी देवी
ग्राम –डाडीकला,पोस्ट –चेपाकला,थाना –बडकागांव –जिला –हजारीबाग
70
मुस्लिम
महिला
40  
रफीक अंसारी
ग्राम –चेपाखुर्द,पोस्ट –चेपाकला,थाना –बडकागांव,जिला –हजारीबाग
40
मुस्लिम
पुरुष
41  
अलिजान मियाँ 
ग्राम –चेपाखुर्द,पोस्ट –चेपाकला,थाना –बडकागांव,जिला –हजारीबाग
81
पठान
पुरुष
42  
शाबरा खातुन
ग्राम –डाडीकला,पोस्ट-चेपाकला,थाना –बडकागांव,जिला –हजारीबाग
21
मुस्लिम
महिला
43  
कलीम अंसारी
ग्राम –डाडीकला,पोस्ट –चेपाकला,थाना –बडकागांव,जिला –हजारीबाग
50
मुस्लिम
पुरुष
44  
रेशमी देवी
ग्राम –सिन्दुआरी,पोस्ट –चेपाकला,थाना –बडकागांव,जिला –हजारीबाग
35
दास
महिला
45  
कारिनाथ
ग्राम –सिन्दुआरी,पोस्ट –चेपाकला,थाना –बडकागांव
35
दास
पुरुष
46
शकीना खातुन
ग्राम –डाडीकला,पोस्ट –चेपाकला,थाना –बडकागांव,जिला –हजारीबाग
45
मुसलमान
महिला
47
शकीला खातुन
ग्राम –चेपाखुर्द,पोस्ट –चेपाकला,थाना –बडकागांव,जिला –हजारीबाग
25
मुस्लिम
महिला
48  
मुह्ज्जम अलि
ग्राम –चेपाखुर्द,पोस्ट –चेपाकला ,थाना –बडकागांव,जिला –हजारीबाग
75
मुस्लिम
पुरुष
49  
मजदन खातुन
ग्राम –चेपाखुर्द,पोस्ट –चेपाकला,थाना –बडकागांव,जिला –हजारीबाग
70
मुस्लिम
महिला
50
नाजिर मियाँ  
ग्राम-कनकी डाडी,पोस्ट –चेपाकला,थाना –बडकागांव,जिला-हजारीबाग
40
अंसारी
पुरुष
51
अब्दुल मोतालिक
ग्राम –डाडीकला,पोस्ट –चेपाकला,थाना –बडकागांव,जिला –हजारीबाग
22
अंसारी
पुरुष



पता:
Hon’ble President,
President of India,
Rashtrapati Bhawan,
New Delhi – 110001,
India.


The prime minister,
Prime minister of India,
South block, Raisina hill,
New Delhi – 110011, India.
Tel - +91-1123012312,
Fax - +91-1123019545 / 23016857.
Email: pmosb@pmo.nic.in

The Minister of Home Affairs
Ministry of Home Affairs, North Block
Central Secretariat
New Delhi - 110001
Email: jscpg-mha@nic.in


 The Chairperson
National Human Rights Commission
Manav Adhikar Bhawan
Block-C, GPO Complex, INA,
 New Delhi - 110023

The Minister, 
Ministry of Social Justice & Empowerment
Sardar Patel Bhawan Sansad Marg
New Delhi - 110 001INDIA
Fax: + 91 11 23742133


Chief Minister
Government of Jharkhand
Chief Minister office
Kanke road Ranchi
Tel: 0651-2281500


Director General of Police

Jharkhand


Sunday, May 07, 2017

#UPR3INDIA and PVCHR

PVCHR submitted its reports in UPR third cycle as individual and part of joint submission of 1 & 34.

Please find links of Summary of Stakeholders’ submissions on India* Report of the Office of the United Nations High Commissioner for Human Rights :


Please find contribution of PVCHR in summary report prepared by Office of the United Nations High Commissioner for Human Rights :

PVCHR urged India to immediately implement the recommendations of the Special Rapporteur on violence against women following her 2013 mission.


PVCHR, JS11 and JS1 reported on the alleged widespread use of torture.130 AI reported that two-thirds of India’s prison population are pre-trial detainees, with Dalits, Adivasis and Muslims being disproportionately represented.  JS14 stated that police and prison systems continue to function under laws enacted in the 1800s. HRW recommended that India implement police reform as recommended by the Supreme Court, including the establishment of a complaint mechanism to address police abuse, with JS27 recommending implementation of the Model Police Bill 2015. JS14 recommended that Boards of Visitors are constituted in all jails across states in compliance with the 2011 MHA advisory and remove undue restrictions on access to prisons from the 2015 MHA advisory and ensure legal aid clinics in every prison.

PVCHR submission in UPR:

Monday, May 01, 2017

India: State of emerging corporate fascism ? : submission of PVCHR on India for UPR 3

Dear Madam/Sir, 

As you know, the UPR is going to be discussed in the UN on 4th May, 2017. Our organisarion, People's Vigilence Committee on Human Rights (www.pvchr.asia) has submitted UPR from the perspective of its work, learning and internal discussion. Please ding  follows links for your reference. 






Thanking you.

 Yours sincerely

Lenin Raghuvanshi