Thursday, August 16, 2018

Neo Dalit Convention: a platform for peace based on justice,hope and dignity

 9th August, 2018, Varanasi. On the eve of August Kranti Day, International Adivasi (tribal) Day and birth day of Late Sri Sudhindra Shukla (a veteran journalist and trade union leader), against Caste system, patriarchy, communal fascism and neoliberalism- to celebrate idea of justice, equality, fraternity and pluralism- Neo-Dalit Convention was organised.
Program begun with Ashish Mishra’s and his friends singing Kabir vani; followed by welcoming and giving guest to gift; such as, sapling, a copy of Indian Constitution and Varanasi’s Gamcha (a kind of cotton towel).Welcoming speech was delivered by the president of PVCHR, Dr.Mahendra Pratap, who is also connected to UP history Congress.
Dr. Lenin Raghuvanshi, CEO of the People’s Vigilance Committee on Human Rights(PVCHR), illustrated goal of the event, and has stressed that  Convention meant to unite the broken people of all Caste and religion; and to fight against Caste system, communal fascism, politics centred on religion, patriarchal society, and neo-liberalism. He further said, that Convention is an attempt to promote justice, fraternity and pluralism in highly unequal society; and would pave the way for an egalitarian society. He has stressed that by adopting the ideals of Nelson Mandela, Neo-Dalit movement can achieve progress and age old problems can be solved.

On this occasion, for their commendable work in the area of human rights, Ms. Jagriti Rahi (Varanasi), Mr. Uday Kumar (Bihar) and Mr. Pradeep Garg from Uttarakhand, were awarded Jan Mitra award. In addition, a book, ‘Conflict of Freedom of Expression and Religion’ by social scientist Mr. Amit Singh, and another book, First Japan trip by Kashi Ram Ji, by senior writer and thinker, Mr. Moolchand Sonkar, was launched.
Senior journalist and founder of Media Vigil, Mr. Pankaj Srivastava has advocated elimination of anger. He said that agents of fascism have captured Ram, Shiv, Parvati. He suggested that rulers and politician must read the character of Sri Ram. He explained how politics has changed the nature of god from protector to the one who are full of rage and anger; he mentioned that since our childhood we have been witnessing our god living in harmony on Himalaya with other god such as Shiv living with Parvati, Ganesh, Kartikaya, Nag, Nandi, Mouse and peacock as concept of co-existence. This characteristic could be seen in Hanuman as well. These gods supposed to protect people, not to be angry.

Intellectual and professor at Hindu college, Prof. Ratan Lal said Caste system can never be eliminated. Brahmanism would never end. These have originated from composite culture. Only way to end the Caste system is possible if Brahman themselves organize anti-Caste movement.  
Sri Jignesh Mevani, Member of Legislative assembly, Gujrat State assembly and Dalit activist, has suggested Uttar Pradesh does not need ideology of BJP, but of Kabir, Raidas and Buddha. He has stressed that Constitution can be well protected if people of India understand the ideals of Kabir, Raidas and Buddha. Taking dig at ruling party, he said that their work is to break our unity and our duty is to spread love. He has stressed that hour of need is be an united opposition. Mevani further said, Mathma Gandhi is the father of nation and Dr. Ambedkar is the father of modern India.

 Senior journalist, television anchor, author and Ex-director Rajya shabha TV, Shri Urmilesh suggested that in order to fight against contemporary fascistic forces everyone needs to be united and we need to get over our personal differences. He mentioned recent election of Deputy Chairperson of Raja Shabha, in which NDA won and opposition lost even if they have claimed that they were in majority. He said that as election of 2019 is getting close, ruling party would play new trick. In this context, people have more responsibility since they have been fooled by jumlas since last four and half years. 
Senior social worker and chairperson of Congress Sevadal, Sri Lalji Desai lambasted those who have manuvadi mentality and practice inequality. He has stressed the necessity to struggle for equal access to education, right to food and employment. 

 Sri Nadeem Khan of United Against Hate, has said that justice shall prevail, not the revenge.
Many prominent people shared their views in this program including, Ms. Arpna (Gao Ke Log), Sri Ambrish Kuman Roy (Ex-MLA, Uttrakhand) Sri Vijay Pandey (Mumbai), Dr.Kafeel (Gorkhpur) Anoop Sharmik and Shruti Nagvanshi (Convenor, Savitri Ba Fule women forum).
This program was anchored by famous theatre, writer and poet, Vyomash Shukla. By the end of program, Dr.Arif Mohammad, member-Secretary of PVCHR governing board thanked everyone to make the event successful. Event was concluded with famous tribal dance by Ghasiya tribe. 
People from Uttar Pradesh, Bihar, Jkarkhand, Madhay Pradesh, Uttrakhand, Maharastra participated in large numbers.

9 अगस्त, 2018 वाराणसी|  अगस्त क्रांति दिवस एवं अंतर्राष्ट्रीय आदिवासी दिवस और स्व० श्री सुधीन्द्र शुक्ल के जन्म दिवस पर जातिवाद,पितृसत्ता, सांप्रदायिक फ़ासीवादी नवउदारवाद के खिलाफ न्याय, समता, बंधुत्व व बहुलतावाद के लिए “नवदलित सम्मेलन” का आयोजन कबीर के कर्मभूमि, मूलगादी, कबीर चौरा मठ में आयोजन किया गया|

कार्यक्रम में आशीष मिश्र व उनके साथियों ने कबीर वाणी गाकर कार्यक्रम का शुरुआत किया, अतिथियों के स्वागत में उन्हें भेंट स्वरुप पौधा,संविधान की पुस्तक और बनारसी गमछा दिए गया| आचार्य मृत्युंजय त्रिपाठी व वल्लभाचार्य पाण्डेय कार्यक्रम के अतिथि श्री जिग्नेश मेवनी को संविधान की पुस्तक, पौधा व बनारसी गमछा देकर स्वागत किया| पीवीसीएचआर के अध्यक्ष व यूपी हिस्ट्री कांग्रेस से सबद्ध डा0 महेंद्र प्रताप ने स्वागत भाषण दिया |

रूपरेखा व प्रस्तावना रखते हुए मानवाधिकार जननिगरानी समिति के सीईओ डा0 लेनिन रघुवंशी ने इस सम्मेलन के मुख्य उद्देश्य को बताते हुए कहा कि सभी जाति और धर्मो के टूटे हुए लोगो की एकता बनाकर उन्हें एकजुट करने के साथ ही जातिवादी साम्प्रदायिक फ़ासीवादी, धर्म की राजनीति, पितृसत्तात्मक, नवउदारवाद के खिलाफ बंधुत्व व बहुलतावाद व समता के लिए न्याय स्थापित करने के लिए यह एक प्रयास है| जिससे कि समाज में चली आ रही विषमताओ को समाप्त कर एक समतामूलक समाज की स्थापना की जा सके | उन्होंने कहा कि नेल्सन मंडेला को अपना कर नवदलित आन्दोलन को आगे बढ़ा कर सदियों पुरानी समस्या को ख़तम किया जा रहा है|

इस अवसर पर मानवाधिकार के क्षेत्र में उत्कृष्ठ कार्य करने के लिए सुश्री जागृति राही वाराणसी से, श्री उदय कुमार बिहार से और श्री प्रदीप गर्ग उत्तराखण्ड से को जनमित्र सम्मान से सम्मानित किया गया | समाज वैज्ञानिक श्री. अमित सिंह द्वारा लिखी किताब Conflict of Freedom of expression & religion और वरिष्ठ साहित्यकार व चिन्तक मूलचंद सोनकर द्वारा लिखित किताब कांशी राम जी प्रथम जापान यात्रा का लोकार्पण किया गया |

वरिष्ठ पत्रकार और मीडिया विजिल के संस्थापक श्री पंकज श्रीवास्तव ने क्रोध को खत्म करने की वकालत की| कहा कि फ़ासीवादी ताकतों ने भगवन राम, शिव, देवी पार्वती सभी को तो छीन लिया है| इन सताधारियों ने मर्यादा पुरुषोत्तम राम का चरित्र पढ़े| हम बचपन में शिव का वह स्वरुप देखते थे की हिमालय पर्वत पर शिव, पार्वती, गणेश, कार्तिकेय, नाग, मोर, नंदी, चूहा सब एक साथ दिखते थे,इन्होने अब त्रिशूल लिए भगवान शंकर के तांडव करते दिखा कर यह बता रहे है कि वह तो हमेशा क्रोधित रहते है| ऐसे ही गुस्से वाले हनुमान को दर्शा रहे है| अरे ये भगवन तो अभयदान देने वाले है क्रोध दिखने वाले नहीं|

बुद्धिजीवी व हिन्दू कॉलेज के प्रोo रतन लाल ने कहा जाति का खत्म नहीं हो सकता| ब्राह्मणवाद कभी नहीं खत्म हो सकता है| ये कम्पोजिट कल्चर की देन है| इसे खत्म करने का एक रास्ता है|, ब्राह्मण खुद चलाए जाति विरोधी आन्दोलन|

गुजरात विधानसभा के विधायक और दलित एक्टिविस्ट श्री जिग्नेश मेवनी ने कहा की यूपी को भाजपा की विचारधारा नहीं कबीर, रैदास और बुद्ध की विचारधारा चाहिए| यदि मुल्क के 125 करोड़ जनता सिर्फ इतना समझ ले तो कबीर, रैदास और बुद्ध का दर्शन और संविधान सब कुछ बच जायेगा| उनका काम है लोगो को तोडना और हम लोगो का काम है प्रेम फैलाना और लोगो को जोड़ना| उन्होंने कहा की मौजूदा परिदृश्य में विपक्ष की एकजुटता को अनिवार्य बताया और कहा कि भारत के राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी और आधुनिक भारत के राष्ट्पिता है डॉ आंबेडकर|

वरिष्ठ पत्रकार, टेलीविज़न, एंकर लेखक और पूर्व कार्यकारी निदेशक राज्यसभा टीवी श्री उर्मिलेश ने कहा कि मौजूदा फ़ासीवादी ताकतों से लड़ने के लिए सभी को एकजुट होना होगा| आपसी मतभेद भुलाने होने|  उन्होंने गुरुवार को राज्य सभा के उपसभापति के चुनाव का उल्लेख करते हुए कहा कि जिस राज्यसभा में विपक्ष के बहुमत का दावा किया जा रहा था वह भी एनडीए जीत गयी| विपक्ष हार गया तो ऐसे में ये 2019 के चुनाव आते - आते ये लोग फिर से कोई नया हथकंडा अपनाएंगे  ऐसे में विपक्ष से कही ज्यादा काम और कही ज्यादा जिम्मेदारी आम जनता की है, जो पीछे साढ़े चार साल से जुमलो के मकडजाल में फसती आ रही है|

वरिष्ठ समाजसेवी और कांग्रेस सेवादल के अध्यक्ष श्री लालजी देसाई ने कहा कि मन की बात वाली मनुवादी सोच वाले लोग उंच नीच की बात करते करते है जरुरत पड़ने पर गले लागा लेते है| हमें सभी को सामान शिक्षा, भोजन का अधिकार व रोजगार के लिए संघर्ष करना चाहिए| यूनाइटेड अगेंस्ट हेट के श्री नदीम खान ने कहा कि सवाल इन्साफ का होना चाहिए न कि बदले का |

डॉ कफील खान  ने कहा कि आज हमें हिन्दुतान में फिर भारत छोड़ो आन्दोलन चलाना पड़ेगा उनके खिलाफ जो  नफ़रत, दंगा, घृणा फैला रहे है|  मै छोटा था तो होली खेलता था, दुर्गा पूजा में जाता था | ईद व बकरीद में हम सब मिल जुलकर एक साथ सिवाई खाते थे| | आज ऐसा क्या हो गया है की लोग एक दुसरे जगह नफरत फैला रहे है| हमें अपना हिंदुस्तान वही चाहिए जहा हम लोग फिर से मिलकर अपना दुःख दर्द बाट सके| जहा फिर से उस्ताद बिस्मिल्लाह खान मंदिर के आँगन में फिर से शहनाई बजा सके|

श्रुति नागवंशी, संयोजिका सावित्री बा फूले ने कहा कि साम्प्रदायिक, फांसीवादी और जातिवादी दृष्टिकोण के कारण पैदा हुआ हिंसा और यातना का सीधा और सबसे बुरा प्रभाव महिलाओं व बच्चों पर पड़ता है । लेकिन हम उनका आंकलन नही कर पाते हैं कि, हम पीढ़ियों पीछे जा रहें हैं । परिस्थियां बेहद चुनौतीपुर्ण हैं पिछले चार वर्षो से जन हकों के कानूनों को कमजोर और योजनाओ को बंद किया जा रहा है । हमें संकीर्णतावादी विचारधारा से मुक्त होना होगा,   देश की पहली शिक्षिका सावित्री बाई फूले से हमें प्रेरणा लेना चाहिए यदि उन्होंने संकीर्णतावादी विचारधारा से लिया होता तो आज महिलाओं ने जो मुकाम हासिल किया उसमें अभी हम पीछे होते । तमाम विरोध अवरोध को झेलते हुए लड़कियों महिलाओं के लिए उन्होंने जो पहला स्कूल खोला उसमें बड़ी संख्या में ऊंची जाति की महिलाओं को भी शिक्षित किया । हमें किसी कि भी अंधभक्ति नही करना चाहिए चाहे वे गुरु हो, राजनेता हो, या फिर पति, पिता या समाज हो । हमें सिखाया जाता है कि यही हमारी किस्मत है हमें यही झेलना है , इस सोच बाहर आकर अपने विश्लेषणात्मक तर्को के आधारों पर निर्णय लेते हुए अपना मुस्तकबिल खुद बनाना चाहिए |

दलित एक्टिविस्ट अनूप श्रमिक ने उत्तर प्रदेश में दलितों की स्थिति रखते हुए कहा कि भारत में हमें सामाजिक आन्दोलन को एक मंच पर आकर लड़ना होगा| इधर चार साल से दो लाख दलित के मामले थाने में पंजीकृत है | 82% महिला उत्पीड़न बढ़ गये है बड़े बेटी पढे बेटी एक नाटक है |

इस कार्यक्रम में सुश्री अपर्णा (गाँव के लोग),  श्री अम्बरीश कुमार राय पूर्व विधायक- उत्तराखंड, मुंबई से श्री विजय पाण्डेय, डा. कफ़ील गोरखपुर से,  ने अपने अपने विचार रखे|

कार्यक्रम का सञ्चालन सुप्रसिद्ध रंगकर्मी, साहित्यकार और कवि व्योमेश शुक्ला ने किया | कार्यक्रम के अंत में मानवाधिकार जननिगरानी समिति के गवर्निंग बोर्ड सदस्य सचिव डा0 मोहम्मद आरिफ ने धन्यवाद ज्ञापन दिया | 

कार्यक्रम की समाप्ति प्रसिद्ध आदिवासी नृत्य कर्मा घसिया जनजाति द्वारा हुआ| इस सम्मलेन में उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलो सहित बिहार, झारखण्ड, उत्तराखण्ड, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र आदि राज्यों से करीब हज़ारो की संख्या में लोग उपस्थित रहे |

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